पर्यावरण संरक्षण आज धरती की सबसे बड़ी जरुरत बन गई है किन्तु धरती का बहुसंख्य भौतिकवादी मानव समुदाय इस जिम्मेदारी को एक दूसरे पर थोपने के प्रयास में कुछ विशेष नहीं कर पा रहा है I पर्यावरण संरक्षण क्यों करें ? इसके उत्तर में भौतिकवादी यह सोचता है कि इससे मानव का जीवन संकट दूर होगा जबकि अध्यात्मवादी यह सोचता है कि इससे सृष्टि के समस्त प्राणियों का जीवन संकट दूर होगा और इससे पर्यावरण सेवा करने वाले को ईश्वर की कृपा मिलेगी I हमरा मानना है कि पर्यावरण संरक्षण का स्थाई समाधान इस तरह की आध्यात्मिक सोच के लोग ही कर सकेंगे I भौतिकवादी सोच के लोग तो इस जिम्मेदारी को एक दूसरे पर थोपने के झगड़े में पड़कर ईश्वर की कृपा से वंचित बने रहेंगें I अध्यात्मवादी सोच के व्यक्ति के लिए इन दिनों का पर्यावरण संकट परमात्मा की कृपा अर्जित करने के लिए तपस्या ( पर्यावरण आराधना ) करने का अवसर बन कर सामने आया है I पर्यावरण आराधना मंडल का गठन ऐसी सोच के लोगों को खोजने , जोड़ने ,संगठित करने और सक्रिय करने में सफल हो ऐसी हमारी मनोकामना है I